blogid : 4776 postid : 44

और भी गम हैं इस जहां में

Posted On: 21 Dec, 2011 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मैं अपना गम देखता हूं तो लगता है कि सारा गम मेरे ही पास है लेकिन जब मैं देश या किसी जिले को देखकर या उनकी खबर को पढ़ता हूं तो लगता है कि और भी गम हैं इस दुनिया में हम बात कर रहे हैं हमेशा हाशिए पर रहने वाले बुंदेलखंड की जहां बंधना रैदास जो बेचारे जन्म से विकलांग हैं और उनकी पत्नी जन्म से नेत्रहीन है और सात साल की बच्ची को किसी ने दिल्ली में बेच दिया बच गई तो बस डेढ़ साल की बच्ची उनकी हालत को देखकर यह लगता है कि सारा गम तो इन्हीं के पास है। इसके बावजूद भी कोई कांग्रेस का या कोई मुख्यमंत्री इस तरफ आंख उठाकर भी देखना नहीं चाहते हैं वह तो बस राजनीतिक रोटियां सेकने में मस्त है। मगर गरीब परिवार की लाचारी और बेबसी को देखना भी नहीं चाहते हैं मुख्यमंत्री की बात ही क्या करें राहुल गांधी भी बुंदेलखंड कितनी बार गए और कई गांवों में गए पर बांदा के इस गांव में जाने से वंचित क्यों हो गए वह क्या गरीबी को न हटाकर गरीबों को हटाना चाहते हैं। अगर ऐसा युवा नेता की सरकार इस प्रदेश में बन गई तो इस प्रदेश का क्या होगा? यह तो हाई प्रोफाइल युवा नेता ही बता सकते हैं जो इस विषय पर बोलना भी नहीं चाहते हैं।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran