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अड्डेबाजों में भी बदलता कल्चर

Posted On: 11 Aug, 2011 Others में

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अड्डेबाजी का कल्चर बदलता जा रहा है पहले केवल यह चौराहा व वह चौराहा उसके बाद ये गली वो नुक्कड़ में चार लोग या इससे ज्यादा लोग इकट्ठा हो जाते थे और हो हल्ला और गपशप करते समय बिताते थे लेकिन अब ये कल्चर भी बदल गया है इसके बदलते ही अब यह जगह लडक़ों वा आदमी की ना होकर अब लड़कियों ने ले ली है। लड़कियां स्कूल बंक करके या कोचिंग खत्म करके आपस में खड़े होकर अड्डेबाजी करती हैं। मैं भी एक बार अड्डेबाजी लड़कियों के समूह के पास से गुजर रहा था तो मैंने कुछ उनके वक्तव्य सुनें और वह आपस में बातें कर रहीं थीं कि उसकी सेटिंग उसने कराई थी नहीं इसकी सेटिंग हमने कराई थी। अगर यह लड़कियों का कल्चर अड्डेबाजी में बदल रहा है तो यह गलत है। अड्डेबाजी लड़कियों को भी करनी चाहिए लेकिन उसके कुछ मुद्दे और हों जैसे ईव टीजिंग मुद्दों पर बातचीत हो और उसके सुरक्षात्मक मुद्दों पर चर्चा हो तो अड्डेबाजी लड़कियों की भी सफल मानी जाएगी।

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ALOK के द्वारा
August 12, 2011

वैसे जिस समय लड़कों की लड़कियों के स्कूल कालेजों के सामने अड्डेबाजी को जागरण समूह हाईलाइट कर रहा है आपने लड़कियों की अड्डेबाजी के बारे में लिख कर बैलेंसिंग का काम किया है. समाज में बैलेन्स बना रहे तो सब कुछ अच्छा रहता है और फिर यह तो होता ही है कि ’अति सर्वत्र वर्जयेत’

    Dheeraj Kumar के द्वारा
    August 12, 2011

    Nice work


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