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kapil shukla


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राहुल चले फिर से पुरानी राह

Posted On: 2 May, 2015  
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ये है हमारी सरकार का देश

Posted On: 22 Dec, 2012  
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हमारी सरकार हमारी मर्जी!

Posted On: 12 Jun, 2012  
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सेलिबे्रटी सांसद क्यों?

Posted On: 12 Jun, 2012  
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राहुल गरीबी हटाओ गरीब को नहीं

Posted On: 23 Mar, 2012  
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बाघों के लिए चाहिए जंगल

Posted On: 16 Mar, 2012  
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और भी गम हैं इस जहां में

Posted On: 21 Dec, 2011  
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आया हूं तो मिल हीं लूं

Posted On: 12 Dec, 2011  
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विदेशी महिला बनाए स्वर्ग

Posted On: 12 Dec, 2011  
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राहुल प्रधानमंत्री देश के लिए खतरा

Posted On: 11 Dec, 2011  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

आई अब जनता की बारी* अकड़ निकल गई उनकी सारी। ऐसे विनम्र हो गए हैं वे, जैसे पकड़ी गई हो चोरी। माँगों पाँच वर्ष का हिसाब। देना होगा उनको जवाब जीतकर हो गए थे गुम, अब सामने आए हैं जनाब।। आया है मौका अब आपका। काम देखो प्रत्याशियों का। विवेक की तुला पर तोलो, असली चेहरा जानो इनका।। सोच-समझकर बटना दबाना। गलती हुई तो पड़ेगा पछताना। न आना तुम बहकावे में, जो योग्य हो उसी को चुनना।। चिकनी-चुपड़ी बातों पर कीजिए मत विश्*वास। अपने हित को साधने ये बहुत जगाएँगे आस। हम हैं जनता, ये हैं सेवक, हम नहीं हैं इनके दास। अपने सेवक को चुनने का है अधिकार हमारे पास।। व्यर्थ न जाए आपका ये बेशकीमती वोट। जहाँ चाहते आप हैं वहीं लगाना चोट।। मकसद हो जाए पूरा लक्ष्य भी हो हासिल। सोच-विचार कर दीजिए अपना बहुमूल्य वोट।।

के द्वारा: vivekgoel vivekgoel

के द्वारा: sharadshuklafaizabad sharadshuklafaizabad




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